/शूटिंग देखने पहुंची थी ये लड़की और बन गई एक्ट्रेस, जानें कैसे मिला मौका

शूटिंग देखने पहुंची थी ये लड़की और बन गई एक्ट्रेस, जानें कैसे मिला मौका

उनकी पहचान यह है कि वह यूट्यूब की चांदनी हैं. उनकी भोजपुरी एल्बम जारी होते ही वायरल हो जाती हैं.

By -

उनकी पहचान यह है कि वह यूट्यूब की चांदनी हैं. उनकी भोजपुरी एल्बम जारी होते ही वायरल हो जाती हैं. ‘डोली में गोली मारदेब’, ‘चोंए चोंए’ के बाद चांदनी सिंह की नई एलबम ‘खोद देव ढोढ़ी पिचकारी से’ भी पॉपुलर हो रही है. उत्तर प्रदेश के जौनपुर की रहने वाली चांदनी सिंह इन दिनों निर्माता निर्देशक अरविन्द चौबे की फिल्म ‘मैं नागिन तू सपेरा’ में अरविन्द अकेला कल्लू के अपॉजिट हैं. इस फिल्म को लेकर चांदनी काफी उत्साहित हैं. वे दिव्या भारती को अपनी फेवरिट एक्ट्रेस मानती हैं. उनसे खास बातचीतः

chandni

आपने कहां से शुरुआत की?

मैं उत्तर प्रदेश के जौनपुर की हूं. मेरे पिताजी सोनभद्र के रेणुकूट में हिंडालको में सर्विस करते थे सो पढ़ाई लिखाई सब वहीं पर हुई.

एल्बम में किस तरह हाथ आजमाया?

मैं पटना किसी काम से गई थी. वहां एक शूटिंग देखने का मौका मिला. ये एल्बम आदिशक्ती म्युजिक कंपनी की तरफ से बनाया जा रहा था. वहीं पर मुझसे आदि शक्ति के मनोजजी ने पूछा कि क्या आप एक्टिंग करना चाहेंगी. मैं कुछ बोलती उसके पहले ही सहेलियों ने कह दिया हां. बस, आ गई एल्बम की दुनिया में. ये एल्बम खेसारीलाल यादव के साथ था, ‘डोली में गोली मार देब.’ ये एल्बम हिट हुआ तो उसके बाद ‘चोंए चोंए’ आई. यह भी सुपरहिट रही. लोगों ने प्यार किया तो मुझे फिल्मों के ऑफर भी आने लगे.

पहली फिल्म ‘मैं नागिन तू सपेरा’ आपको एल्बम की कामयाबी की वजह से मिली?

बिल्कुल, खेसारी के साथ ‘चोंए चोंए’ और कल्लू के साथ ‘धनिया आवतानी’ सुपर डुपर हीट हो गया तो निर्देशक अरविन्द चौबे ने मुझसे मुलाकात की और ‘मैं नागिन तू सपेरा’ फिल्म में एक्टिंग का ऑफर किया. साफ-साफ कहूं तो मुझे स्ट्रगल बिल्कुल नहीं करना पड़ा.

आपके एल्बम खूब देखे जाते हैं?

कल्लू जी के साथ ‘धनिया आवतानी’ को एक दिन में 10 लाख लोगों ने देखा. आज भी लोग मुझे मेरी एल्बमों की वजह से जानते हैं.

एल्बम करने पर घरवालों से कोई विरोध तो नहीं झेलना पड़ा?

शुरू में विरोध किया गया था मगर अब सब खुश हैं. मेरे घरवालों से ज्यादा मेरे रिश्तेदारों और पड़ोसियों को दिक्कत था. मैने ऐसा कुछ नहीं किया जिससे उनका नाम खराब हो. मेरे दोस्तों ने पसंद किया, फिर पड़ोसी और रिश्तेदार भी खुश हैं. मेरी मम्मी ने मुझे खुब प्रोत्साहित किया.

Input NDTV