/सोनई हत्याकांड : सभी दोषियों को फांसी की सजा

सोनई हत्याकांड : सभी दोषियों को फांसी की सजा

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नाशिक सेशन कोर्ट ने तीन दलित युवकों की आॅनर किलिंग के चलते की घास कांटने की मशीन से काटकर निर्मम हत्या करने के आरोप में 6 आरोपियों फांसी की सजा सुनाई। आरोपियों को शनिवार को कोर्ट में पेश किया गया। सरकारी वकील उज्ज्वल निकम ने आरोपियों को फांसी की सजा मिलने की मांग की थी। इस मामले में 53 गवाह पेश किए गए थे।

महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले का सोनई गांव में 1 जनवरी 2013 को तीन दलित युवकों की बेहद बर्बर तरीके से की गई हत्या से हड़कंप मचा हुआ था। जाति के नाम पर यहां एक ऐसी ऑनर किलिंग हुई है जिससे पूरे अहमदनगर जिले में सनसनी थी। सचिन घारू नाम के लड़के का गांव का ही एक ऊंची जाति की लड़की से अफेयर चल रहा था, दोनों शादी करना चाहते थे। इससे लड़की के परिवार वाले बेहद नाराज थे।

पुलिस ने सचिन की हत्या के आरोप में प्रकाश दरंदले, रमेश दरंदले, पोपट दरंदले, गणेश दरंदले, अशोक फलके, अशोक नवगिरे, संदीप कुऱ्हे को गिरफ्तार किया था। इसमें से अशोक फलके को सबूतों के अभाव में रिहा गया था। सचिन मेहतर समाज से था और वह काॅलेज में प्यून की नौकरी करता था। इसी काॅलेज में बीएड की पढ़ाई कर रही एक लड़की से प्यार करने लगा था।

धोखे से हत्या का आरोप

आरोप है कि 1 जनवरी 2013 जनवरी को लड़की के परिवार वालों ने धोखे से सचिन और उसके दो संदीप और राहुल को बुलाया। इसके बाद लड़की के पिता, भाई और दो चाचाओं ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर उन्हें चारा काटने वाली मशीन में डालकर बड़ी बेरहमी से हत्या कर दी। उसके बाद उनकी लाशों के टुकड़े भी किए गए और फिर उन टुकड़ों को पास के कुएं और यहां तक कि टाॅयलेट के सैप्टिक टैंक में डाले।

लडकी के भाई ने बताई थी ये कहानी

तीनों की हत्या के बाद लड़की के भाई ने खुद पुलिस को फोन करके ये बात बताई कि तीनों की चारा काटने वाली मशीन में फंसकर मौत हो गई है।
सोनई थाने ने लड़की के भाई के कहने पर पहले दुर्घटना की वजह से मौत का मामला दर्ज किया और करीब एक महीने तक कोई कार्रवाई नहीं की।
इस मामले में स्थानीय सोनई पुलिस पर संगीन सवाल खड़े हो रहे थे। आखिरकार पांच दिन बाद पुलिस ने 7 आरोपियों केखिलाफ मामला दर्ज किया और उन्हें गिरफ्तार किया था।

Source DB